निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन नहीं लगने के कारणों की जानकारी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और पीएमओ से ली। इस पर प्राचार्य ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन बार-बार अपील किए जाने के कारण मशीन की स्थापना अब तक अटकी हुई है।
इस पर कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने अधिकारियों से पूरी फाइल अपने पास लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइल का अध्ययन कर जल्द समाधान निकाला जाएगा ताकि जिला अस्पताल में शीघ्र सीटी स्कैन सुविधा शुरू हो सके।
कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, लेकिन सीटी स्कैन सेंटर का रूम तैयार होने के बावजूद मशीन स्थापित नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया संबंधी बाधाओं को दूर कर जल्द मशीन शुरू करवाई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सोनोग्राफी और रेडियोलॉजी विभाग में स्टाफ की अनुपस्थिति का मुद्दा भी सामने आया। बताया गया कि सोनोग्राफर और रेडियोग्राफर अक्सर छुट्टी पर रहते हैं। इस पर जिला कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारियों के छुट्टी रजिस्टर एडीएम कार्यालय मंगवाने के निर्देश दिए। अब इन कर्मचारियों की छुट्टियां एडीएम की अनुमति के बाद ही स्वीकृत होंगी।
अस्पताल परिसर में मरीजों और परिजनों के लिए सुविधाओं को लेकर भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अस्पताल में कैंटीन व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई और पीएमओ को जल्द कैंटीन शुरू करवाने के निर्देश दिए। साथ ही वेटिंग एरिया में बैठने के लिए अतिरिक्त बेंच लगाने को कहा।
ओपीडी व्यवस्था को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। अस्पताल में वर्तमान में चार ओपीडी काउंटर संचालित हो रहे हैं। भीड़भाड़ और पीक टाइम में मरीजों को राहत देने के लिए कलेक्टर ने चार नए ओपीडी काउंटर शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों का चेकअप जल्दी हो सके और लंबी कतारों से राहत मिले।
एमआरआई मशीन को लेकर अधिकारियों ने बताया कि नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग के बाद उसकी स्थापना की जाएगी। इस पर कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें प्राथमिकता से दूर किया जाएगा।
हीटवेव को लेकर तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में बनाए गए हीटवेव वार्ड में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। आने वाले दो-तीन दिनों में अस्पताल में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिससे नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों को आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग मिल सके।
