मदन राठौड़ ने कहा कि सचिन पायलट को अब अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर खुद निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस में उनके साथ लगातार अपमानजनक व्यवहार हो रहा है। उन्होंने इशारों-इशारों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी सम्मानित नेता के लिए “निकम्मा” और “नाकारा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद अनुचित है।
राठौड़ ने कहा कि इस तरह की भाषा न केवल व्यक्तिगत स्तर पर चोट पहुंचाती है, बल्कि उसके राजनीतिक प्रभाव भी लंबे समय तक रहते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सचिन पायलट एक अच्छे और सक्षम नेता हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पा रहा, जिसके वे हकदार हैं।
अपने बयान में राठौड़ ने भाजपा की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी में राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले नेताओं का हमेशा स्वागत किया जाता है। इस बयान को राजनीतिक गलियारों में पायलट के लिए ‘ओपन इनविटेशन’ के रूप में देखा जा रहा है।
राजस्थान में लंबे समय से चल रही गहलोत-पायलट खींचतान के बीच इस तरह के बयान ने सियासत को और गर्म कर दिया है।
