जयपुर।

राजस्थान में सरकारी कार्यालय के साथ विधानसभा को बम उड़ाने की धमकियां आए दिन मिल रही है। शुक्रवार को एक बार फिर राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इसके बाद राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। गहलोत ने ट्वीट के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
“प्रदेश कानून और सुरक्षा व्यवस्था का मजाक बना रखा।



राजस्थान विधानसभा को आज एक बार फिर दहलाने की धमकी मिली है। विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुए एक अज्ञात ईमेल ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। जैसे ही ईमेल की जानकारी मिली, विधानसभा परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बिना देरी किए हाई अलर्ट जारी कर दिया। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता आधुनिक उपकरणों के साथ गार्डन, पार्किंग, गलियारों और चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू की गई। 


इधर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल करते हुए ट्वीट में माध्यम जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजस्थान की कानून व्यवस्था और सुरक्षा का जिस तरह से मज़ाक बन रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलना कोई सामान्य बात नहीं है। अभी कुछ ही दिन पहले भी ऐसी धमकी मिली थी‌। बार-बार विधानसभा जैसे लोकतंत्र के मंदिर को निशाना बनाया जाना यह बताता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और उनके मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।

गहलोत ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री को कई बार धमकी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री केवल एक पार्टी के नहीं हम सभी के हैं। उन्हें इस तरह धमकी मिलना सभी के लिए चिंता का विषय है। हाई कोर्ट, जिला कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी कार्यालयों को मिल रही ये धमकियाँ जनता के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर रही हैं।

गहलोत ने कहा कि जब विधानसभा, हाई कोर्ट और कलेक्ट्रेट जैसे अति-संवेदनशील स्थानों एवं मुख्यमंत्री जैसे प्रमुख व्यक्ति को अपराधी सरेआम चुनौती दे रहे हों, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा, यह समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि करीब छह महीने से इस तरह का सिलसिला चल रहा है, लेकिन अभी तक मुख्य अपराधी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां और सरकार इस नेटवर्क को तोड़ने में सफल नहीं हो पा रही हैं। 

अशोक गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को स्वयं इस पर संज्ञान लेना चाहिए और पुलिस प्रशासन को सख्त हिदायत देनी चाहिए कि इन धमकियों के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा फिर से बहाल हो सके।