इस अभियान के तहत पार्टी का लक्ष्य देशभर में करोड़ों कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का है। राजस्थान में इसकी शुरुआत मंडल स्तर से हो चुकी है और इसे चरणबद्ध तरीके से बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक लागू किया जा रहा है।
ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए 857 वक्ताओं का चयन किया गया है, जिनमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। ये वक्ता अलग-अलग सत्रों में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।
इस ट्रेनिंग में पार्टी के इतिहास, विचारधारा और विकास यात्रा के साथ-साथ विपक्ष द्वारा बनाए गए नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति सिखाई जा रही है। खास तौर पर (AI) और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर फोकस किया गया है, ताकि कार्यकर्ता डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा सकें।
जिला स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करने के तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। वहीं, प्रदेश स्तर के नेताओं और पदाधिकारियों के लिए 15 विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें चुनाव प्रबंधन, मीडिया रणनीति, सोशल मीडिया हैंडलिंग और एआई के उपयोग जैसे अहम विषय शामिल होंगे।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ता से लेकर पार्षद, प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक और सांसद तक सभी के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है।
प्रदेश प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक मिथिलेश गौतम के अनुसार, हर स्तर के कार्यकर्ताओं का रजिस्ट्रेशन पार्टी के “सरल ऐप” के जरिए किया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इसी ऐप पर ऑनलाइन टेस्ट भी लिया जाएगा। टेस्ट पास करने वाले कार्यकर्ताओं को सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
इसके अलावा, अन्य दलों—खासतौर पर कांग्रेस—को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं और नए कार्यकर्ताओं के लिए भी विशेष ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें पार्टी की विचारधारा और कार्यशैली से जोड़ा जा सके।
