बाड़मेर।

रविवार को ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय महावीर नगर बाड़मेर में मातृ दिवस के अवसर पर आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आश्रम प्रमुखा डॉ बीके बबीता बहन के पावन सानिध्य में शिक्षाविद डॉ बंशीधर तातेड़ के मुख्य आतिथ्य तथा समाजसेविका राजश्री भाटी और डॉ राधा रामावत के विशेष आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। 

कार्यक्रम में मातृशक्ति के सम्मान के लिए विशेष समारोह हुआ। जिसमें माताओ को मंच पर आमंत्रित कर ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। आयोजन में बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके बबीता बहन ने कहा कि प्रत्येक दिन माताओं को समर्पित है, क्योंकि नारी ही घर की वास्तविक शक्ति और लक्ष्मी होती है। उन्होंने कहा कि जिस घर में नारी का सम्मान नहीं होता, वह घर मंदिर के समान नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि मां शब्द सुनते ही मन में स्नेह, सुरक्षा और अपनत्व की भावना जागृत हो जाती है। मां केवल जन्म देने वाली ही नहीं, बल्कि जीवन की पहली गुरु, मित्र और मार्गदर्शक भी होती है। ममतामयी नारी को स्वयं भगवान भी नमन करते हैं और परमात्मा ने संसार को सबसे बड़ी शक्ति मां के रूप में प्रदान की है।

मुख्य अतिथि डॉ बंशीधर तातेड़ ने अपने संबोधन में कहा कि मां परिवार की वह आधारशिला है, जो हर सदस्य को भावनात्मक और मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि यदि नारी स्वयं की शक्ति को पहचानकर अपनी दिव्य क्षमताओं को जागृत कर ले, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि मां परमात्मा का स्वरूप है और उसका कोई मुकाबला नहीं हो सकता। मां वह संवेदनशील चिकित्सक होती है जो बिना कहे ही अपने बच्चों की पीड़ा को समझ लेती है। उन्होंने कहा कि मां का ऋण सात जन्मों में भी नहीं चुकाया जा सकता।

समाजसेविका राजश्री भाटी ने कहा कि माता का स्वरूप स्वयं ईश्वर के समान होता है। एक मां ही बच्चे के जीवन में संस्कारों का बीजारोपण कर उसे श्रेष्ठ नागरिक बनाती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। भाटी ने ब्रह्माकुमारीज संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि संस्था आधुनिक समय में भी समाज को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित कर सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज निर्माण का कार्य कर रही है।

समाजसेविका डॉ राधा रामावत ने कहा कि मां की महिमा अपरंपार है। उन्होंने कहा कि मां है तो संसार है और संसार का पहला परिचय भी मां ही कराती है। बीके सुशीला बहन कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित लोगों को राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति भी करवाई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। 

कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार स्वरूप पंवार एवं बिहारी पंवार ने मातृ शक्ति के सम्मान में सांस्कृतिक प्रस्तुतियो ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन हरीश जांगिड़ ने किया।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान कशिश बहिन समेत बड़ी संख्या में मातृ शक्ति मोजुद रही।