बाड़मेर


 
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सही दिशा और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बाड़मेर जिले के सरकारी विद्यालयों में विशेष करियर मार्गदर्शन और जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। केयर्न फाउंडेशन और वेदांता ऑयल एंड गैस (केयर्न) के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए करियर, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
 
गुरुवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खाटियों का तला में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का नेतृत्व कंपनी के हेड–स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट अयोध्या प्रसाद गौड़ ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
 
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए गौड़ ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की होती है। यदि विद्यार्थी अपनी रुचि पहचानकर निरंतर मेहनत करें, तो वे किसी भी मुकाम तक पहुंच सकते हैं।

 
इस अवसर पर वेदांता ऑयल एंड गैस (केयर्न) के चीफ कम्युनिटी डेवलपमेंट डॉ. विशाल अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, आज के समय में करियर के कई विकल्प उपलब्ध हैं। जरूरी है कि बच्चे अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार सही दिशा चुनें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
 
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर अपने सवाल पूछे। कक्षा 9वीं की एक छात्रा ने सवाल किया, क्या छोटे गांव से होने के कारण हम बड़ा करियर बना सकते हैं?
 
इस पर गौड़ ने जवाब देते हुए कहा बिल्कुल। आज जानकारी और संसाधन हर जगह उपलब्ध हैं। मेहनत और सही दिशा हो तो गांव कभी बाधा नहीं बनता।
 
वहीं एक अन्य छात्र ने पूछा हमें कैसे पता चले कि कौन-सा करियर हमारे लिए सही है? इस पर डॉ. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा, अपनी रुचि, मजबूत विषयों और जिस काम में आनंद आता है, उसे पहचानना जरूरी है। उसी आधार पर करियर का चयन करना सबसे बेहतर होता है।
 
इससे पहले 13 मई को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कावास में ‘समावेशी शिक्षा और बाल समझ’ विषय पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, मित्र सहयोग और विशेष जरूरतों वाले बच्चों (CWSN) के प्रति संवेदनशीलता जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
 
यह सत्र NSPIRA मैनेजमेंट सर्विसेज की डेवलपमेंट कोच सुश्री अर्घा बरुआ द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को खुलकर अपनी बात रखने और आत्मविश्वास के साथ चर्चा में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
 
कार्यक्रम के दौरान शुरुआत में झिझक महसूस कर रहे विद्यार्थी धीरे-धीरे सक्रिय होकर चर्चा में शामिल हुए और मानसिक स्वास्थ्य, दोस्ती, सहयोग तथा करियर विकल्पों जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
 
केयर्न फाउंडेशन की सचिव प्रिया शर्मा ने बताया कि फाउंडेशन का प्रयास शिक्षा के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि करियर मार्गदर्शन और जागरूकता सत्र ग्रामीण बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए भविष्य में भी इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।