बाड़मेर
बाड़मेर शहर की घनी आबादी क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टावर की वैधानिक स्वीकृतियों, जनसुरक्षा, संरचनात्मक स्थिरता एवं फायर सेफ्टी सहित विभिन्न बिंदुओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग को लेकर“मोबाइल टावर जनसुरक्षा संघर्ष समिति” द्वारा गुरुवार को जिला कलेक्टर बाड़मेर को ज्ञापन सौंपा गया।
संघर्ष समिति के संयोजक रमेश बड़ेरा ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड संख्या 16 स्थित मोबाइल टावर के आसपास बड़ी संख्या में आवासीय मकान, धार्मिक स्थल, सार्वजनिक पुस्तकालय एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के स्थान स्थित हैं। क्षेत्रवासियों ने सार्वजनिक सुरक्षा एवं संभावित आपातकालीन जोखिम को देखते हुए प्रशासन से विस्तृत जांच करवाने की मांग की है।
ज्ञापन में मोबाइल टावर की वैधानिक स्वीकृतियों, भवन अनुमति, संरचनात्मक सुरक्षा, फायर सेफ्टी व्यवस्था, विकिरण मानकों एवं जनसुरक्षा जोखिम का स्वतंत्र मूल्यांकन करवाने की मांग की गई। साथ ही पूर्व में हुई आगजनी घटना से संबंधित रिकॉर्ड एवं विभागीय रिपोर्टों को भी जांच में शामिल करने का अनुरोध किया गया।
संघर्ष समिति ने मांग की कि जांच पूरी होने तक संबंधित स्थल का प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा निरीक्षण करवाकर आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना अथवा जनहानि की संभावना को रोका जा सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि समिति एवं क्षेत्रवासियों का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था अथवा कंपनी का व्यक्तिगत विरोध नहीं है, बल्कि शांतिपूर्ण एवं संविधानसम्मत तरीके से जनहित, सार्वजनिक सुरक्षा तथा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करवाना है।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं जटिया रैगर समाज के पूर्व अध्यक्ष तथा आंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी बाड़मेर के जिला अध्यक्ष उमाशंकर फुलवारीया, डोमा परिसंघ बाड़मेर के अध्यक्ष लीलाराम (बौद्ध) चौहान, पूर्व चीफ इंजीनियर राजस्थान ताराचंद जाटोल, पूर्व प्राचार्य शिवलाल जैलिया, मिश्रीमल मौर्य एवं पूर्व प्रधानाध्यापक केसुराम जैलिया सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
ज्ञापन पर वार्ड 16 की महिलाओं सरस्वती देवी, शारदा गोसाई, चंपा देवी, भगवती देवी, हीरा देवी, सुशीला, मीनाक्षी, मंजू, ममता एवं अंकिता सहित अनेक मोहल्ला निवासियों ने हस्ताक्षर कर समर्थन व्यक्त किया।
