बाड़मेर।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा रिफाइनरी का उद्घाटन कर प्रदेश और देश को बड़ी सौगात देंगे। प्रधानमंत्री के राजस्थान दौरे को लेकर सुबे की भाजपा सरकार और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पचपदरा रिफाइनरी में हुई देरी को लेकर भाजपा तंज कसते हुए रिफाइनरी में हुई देरी को 'इंतजारशास्त्र' का सबसे बड़ा चैप्टर बताया।
दरसअल बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि मुझे खुशी है कि 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने आ रहे हैं, लेकिन मुझे दुख भी है कि अगर हमारी सरकार नहीं बदलती तो यह प्रोजेक्ट कब का पूरा हो जाता। गहलोत ने कहा कि 5 साल पहले वाली भाजपा सरकार और 2 साल वर्तमान सरकार कुल 7 साल की देरी के बाद यह प्रोजेक्ट पूरा हुआ है।
गहलोत ने तंज कसते हुए पचपदरा रिफाइनरी में देरी को इंतजारशास्त्र का सबसे बड़ा चैप्टर बताया। उन्होंने कहा कि जिसमें भाजपा सरकार के कारण सात साल का अतिरिक्त समय लगा और लागत भी दोगुनी से अधिक हो गई। उन्होंने कहा कि 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन का समाचार सुखद है परन्तु भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता के कारण इस परियोजना में अतिरिक्त समय और लागत लगे हैं।
गहलोत ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि अब सरकार का फोकस पेट्रो केमिकल्स जोन को विकसित करने और राजस्थान के व्यापारियों को प्राथमिकता देने पर होना चाहिए।
पूर्व सीएम गहलोत ने आरोप लगाया कि 2013 के बाद जैसे ही सरकार बदली तो भाजपा सरकार ने पचपदरा रिफाइनरी का काम बंद कर दिया, तब स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में आंदोलन किया, पद यात्रा की. तत्कालीन विधायक मदन प्रजापत ने पद यात्रा की, तब दबाव में बड़ी मुश्किल से सरकार ने इसका काम शुरू किया था। गहलोत ने कहा कि मेरा मानना है कि अगर कोई प्रोजेक्ट जनहित में है तो सरकार बदलने के बाद उस प्रोजेक्ट को बंद नहीं करना चाहिए।
