बाड़मेर
भक्तों का बरसो पुराना सपना हुआ साकार, 30 लाख के रत्न जड़ित सोने के मुकुट चढ़ाये, 12 घण्टो अनवरत गूंजी हनुमान चालीसा चौपाइयां
रामभक्त वीर हनुमान की जयंती को आज बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बाड़मेर में हनुमान जयंती को लेकर सुबह से ही मंदिरों में विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। इस अवसर पर बाड़मेर के सफेद आंकड़ा स्थित हनुमान मंदिर में भक्त और भगवान दोनों के लिए यानि भगवान श्री राम और उनके भक्त भगवान हनुमान की प्रतिमा को सोने के मुकुट पहनाए है। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर उत्साह के साथ भाग लिया। सबसे खास बात यह है कि भक्तों की 25 सालों का सपना अब जाकर साकार हुआ है।
सिद्धश्वर महादेव विकास समिति के मांगीलाल संखलेचा ने बताया कि सफेद आंकड़ा स्थित हनुमान मंदिर में भगवान हनुमान जी की मूर्ति पर मुकुट नही था। ऐसे में भक्तों के मन में इच्छा थी कि हमारे इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति पर मुकुट होना चाहिए। इसके बाद हम सभी हनुमान भगवान ने मिलकर 170 ग्राम सोने का बड़ा मुकुट और दूसरा छोटा करीब 30 ग्राम सोने का मुकुट बनाया है। इन दोनों की अनुमति बाजार कीमत करीबन 30 लाख रुपए हैं। यह दोनों सोने के मुकुट भक्तों के सहयोग से तैयार करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर को लेकर भक्तों की अटूट आस्था जुडी हुई है। यहां सच्चे मन से आने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
शहर के सदर बाजार में स्थित प्राचीन वीर बालाजी मंदिर में सुबह 05 बजकर 15 मिनट से ही संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ शुरू हुआ है जो कि 12 घण्टे अनवरत जारी रहेगा। मंदिर में सुबह से ही भक्तों की रेलमपेल पर लगी हुई है। श्रीमंगल बालाजी परिवार संस्था के प्रवक्ता तरूण सागर श्रीमाली ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर बालाजी मंदिर में लगातार 18 वर्ष भी 12 घन्टे प्रातः 05.15 से सांय 05.15 तक लगातार अखण्ड हनुमान चालीसा का संगीतमय पाठ वीर बालाजी मन्दिर में किया जा रहा है। इस दौरान लगातार 12 घंटो तक प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। चालीसा पाठ के बाद बाद 05.30 बजे आरती एवं उसके पश्चात भोग लगाया जाएगा।
