नई दिल्ली | 18 मार्च 2026

बुधवार को लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। बेनीवाल ने राजस्थान सहित देशभर के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की पुरजोर वकालत करते हुए सदन में बकाया कृषि कर्ज के आंकड़े पेश किए।

MSP पर खरीद का गारंटी कानून बनाने की जरूरत

​सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की माली हालत सुधारने के लिए एमएसपी (MSP) पर खरीद का गारंटी कानून बनाना अनिवार्य है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल और खाद की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए बताया कि किस तरह खेती की लागत बढ़ रही है और किसान की आय घट रही है। बेनीवाल ने मांग की कि सरकार को किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मोल दिलाने के लिए कानूनी सुरक्षा देनी चाहिए।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में धांधली की जांच की मांग

​सदन में बोलते हुए हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में व्याप्त अनियमितताओं और गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियां किसानों को राहत देने के बजाय मुनाफा कमा रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस योजना में हो रही गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

मंडियों की बदहाली और भंडारण की समस्या पर प्रहार

​सांसद ने कृषि मंडियों की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि भंडारण (Storage) की कमी और फसल के उचित विपणन (Marketing) के अभाव के कारण किसान बर्बाद हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और निर्यात के अवसरों से जोड़ना होगा। विशेष रूप से नागौर संसदीय क्षेत्र और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में स्टोरेज की समस्या को तुरंत दूर करने की मांग की।

नागौर और राजस्थान के लिए बड़ी सौगातों की मांग

​हनुमान बेनीवाल ने अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:

  • केंद्रीय विश्वविद्यालय: नागौर में केंद्रीय शुष्क कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।
  • किसान सम्मान निधि: इस राशि को बढ़ाकर प्रति वर्ष 1 लाख रुपये किया जाए।
  • कृषि विज्ञान केंद्र: नागौर जिले और डीडवाना-कुचामन जिले में एक-एक नया कृषि विज्ञान केंद्र स्वीकृत हो।
  • मूंग अनुसंधान केंद्र: नागौर में मूंग की फसल पर शोध हेतु ICAR के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान केंद्र खोला जाए।
  • नियमों में बदलाव: सूखा प्रबंधन संहिता 2016 में संशोधन कर किसानों को अधिक राहत दी जाए।