बाड़मेर

पचपदरा रिफाइनरी आगजनी को लेकर एचपीसीएल ने किया बड़ा खुलासा!


20 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी में हुई आगजनी को लेकर शनिवार रात्रि को एचपीसीएल ने बयान जारी कर उक्त घटना के संबंध में अहम जानकारी साझा की है। एचपीसीएल ने रिफाइनरी में लगी आग के असली कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया है कि घटना के बाद की गई विस्तृत जांच में शुरुआती अनुमान सही पाए गए। 

आग केवल हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित थी, जिससे 6 एक्सचेंजर और उनसे जुड़े कुछ उपकरण प्रभावित हुए।
प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर माना जा रहा है कि आग की वजह वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन में प्रेशर गेज के पास से हुए रिसाव के कारण बनी। फिलहाल मरम्मत और पुनर्स्थापन का काम जारी है, जो अगले 3–4 हफ्तों में पूरा होने की उम्मीद है। सीडीयू (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है।


हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने शनिवार रात को एक्स पर ट्वीट कर एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) में 20 अप्रैल, 2026 को हुई दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना के संदर्भ में जानकारी दी गई है।

बयान में बताया गया है कि घटना के पश्चात विस्तृत जांच से प्रारंभिक आकलन की पुष्टि हुई है कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित थी जिससे केवल 6 एक्सचेंजर और उनसे संबंधित सहायक उपकरण प्रभावित हुए हैं। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ,आग का कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से रिसाव होने की आशंका है।

पुनर्स्थापन कार्य प्रगति पर है और इसके अगले 3–4 सप्ताह में पूर्ण होने ओर सीडीयू को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है। जबकि अन्य सहायक इकाइयाँ योजना के अनुसार पहले से ही कमीशनिंग के उन्नत चरण में हैं। इसके अलावा यह भी उम्मीद जताई है कि मुख्य उत्पादों (एलपीजी/एमएस/एचएसडी/नैफ्था) का परीक्षणात्मक उत्पादन मई 2026 में प्रारंभ हो जाएगा।