बाड़मेर।



चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बाड़मेर के अंतर्गत संचालित आशा कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा बैठक शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई के निर्देशन में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ महिपाल सिंह सोढा एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश भाटी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त ब्लॉकों की प्रगति की बिंदुवार एवं विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

बैठक की शुरुआत में आशा कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान आईएचएमएस आउटरीच ऐप के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल हेल्थ सर्वे की वर्तमान प्रगति का विश्लेषण किया गया। समीक्षा में पाया गया कि कुछ क्षेत्रों में सर्वे कार्य की गति संतोषजनक नहीं है, जिस पर संबंधित ब्लॉक अधिकारियों को कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया गया कि आशा सहयोगिनियों के माध्यम से घर-घर सर्वे कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराया जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि सर्वे के दौरान दर्ज की जा रही जानकारी की गुणवत्ता एवं शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि भविष्य में स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सटीक डाटा उपलब्ध हो सके।

डॉ सोढा ने बैठक में सभी बीएचएस और सेक्टर हेल्थ सुपरवाईजर को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से फील्ड मॉनिटरिंग करें तथा आशा सहयोगिनियों के कार्यों की सतत समीक्षा करें। जहां भी कार्य में कमी पाई जाए, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को समय-समय पर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश भाटी द्वारा आशा सॉफ्ट पोर्टल पर दर्ज गतिविधियों के अनुसार विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें विभिन्न मदों के अंतर्गत देय प्रोत्साहन राशि, लंबित भुगतान, क्लेम सबमिशन एवं स्वीकृति की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। भाटी ने बताया कि आशा सहयोगिनियों के भुगतान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए तथा सभी लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान से आशा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है और वे अधिक समर्पण के साथ कार्य करती हैं।

किशोरों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करावे -भाटी : 
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई। बैठक में एएफएचसी ऐप के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित कार्मिकों को ऐप के माध्यम से किशोर स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग, डेटा प्रबंधन, रिपोर्टिंग प्रणाली एवं सेवा वितरण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यक्रम की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा किशोरों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाना रहा।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी संबंधित कार्मिक आरकेएसके कार्यक्रम के तहत निर्धारित गतिविधियों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा स्कूलों एवं समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दें, ताकि किशोरों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता में वृद्धि हो सके।

बैठक में जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश भाटी द्वारा कार्यक्रम की गहन समीक्षा करते हुए उपस्थित कार्मिको को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने सभी से अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय पर पूर्ति सुनिश्चित करें तथा विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

अंत में सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि वे कार्य के प्रति पूर्ण जिम्मेदारी एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें, नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी का समर्पित प्रयास आवश्यक है। 

जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले कार्मिको को सम्मानित किया गया । बैठक में विभिन्न ब्लॉकों के नर्सिंग ऑफिसर, ब्लाक तथा सेक्टर हेल्थ सुपरवाईजर, आरकेएसके काउंसलर, सीएचओ तथा एएनएम एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे ।