बाड़मेर
बाड़मेर में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' अभियान की शुरुआत , जिला न्यायाधीश पहुंचे बच्चों के बीच , साइबर सेफ्टी को लेकर किया जागरूक
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पूरे प्रदेश में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को कानूनी रूप से जागरूक करने उद्देश्य 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' एक विशेष अभियान की अच्छी पहल की गई है। इसके तहत हर मंगलवार को न्यायिक अधिकारी विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करेंगे। मंगलवार को बाड़मेर सहित प्रदेश में इस अभियान का आगाज हुआ।
बाड़मेर में इस अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की अहम बारीकियां भी समझाई गईं। छोटे बच्चों को स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने की सलाह दी गई। साथ ही उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल्स और मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करने की हिदायत दी गई।
बाड़मेर जिला न्यायाधीश अमिताभ आचार्य भी शहर के गांधी चौक विद्यालय पहुँचे। यहां उन्होंने बच्चों के साथ संवाद करते हुए साइबर सेफ्टी को लेकर जागरूक किया। इस दौरान बच्चे भी बेहद खुश नजर आए कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विद्यालय में 'कोर्ट वाली दीदी' बॉक्स भी लगाया गया। इसमें बच्चे अपनी समस्याएं लिखकर डाल सकेंगे। इसके माध्यम से स्कूलों में बुलिंग जैसी समस्याओं का पता कर उनका समाधान किया जाएगा।
बाड़मेर जिला न्यायाधीश अजिताभ आचार्य ने बताया कि आज के समय में इंटरनेट और मोबाइल का बहुत ही सदुपयोग है। परंतु इसके दुष्परिणामों को लेकर बच्चों को जागरूक करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट जीवन का हिस्सा बन गए हैं। इसके दुष्परिणामों को लेकर बच्चों को जागरूक बहुत ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि गांधी चौक स्कूल में जाकर बच्चों से संवाद किया और उन्हें साइबर सेफ्टी को लेकर समझाया।
