बाड़मेर
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बोले: जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार की भरमार, केन्द्र सरकार कराए उच्च स्तरीय जांच
राजस्थान राज्य सहित के प्रदेश के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। इस सीमावर्ती क्षेत्र के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने गुरूवार को लोकसभा सदन में शून्यकाल के दौरान जल संकट की समस्या के गंभीर मुद्दे को उठाते हुए योजना के क्रियान्वयन में व्यापक अनियमितताओं और हजारों करोड़ की बर्बादी व घोटाले का आरोप लगाया।
सांसद बेनीवाल ने योजना का लक्ष्य और हकीकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा साल 2019 में “हर घर स्वच्छ जल” के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य वर्ष 2024 तक हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाना था। लेकिन राजस्थान विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में इस योजना की वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक है।उन्होंने सदन को बताया कि कागजों में 70% से 80% तक कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा। सिर्फ कागजों में ही नलों तक पानी पहुँचा हैं धरातल पर जल संकट की विकराल विकट समस्या हैं। इस योजना में बड़े स्तर पर हजारों करोड़ रुपए की बर्बादी के साथ भ्रष्ट सिस्टम के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया हैं।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने केन्द्र सरकार को जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों से धरातल की स्थिति से अवगत कराते हुए आरोप लगाए कहा मेरे संसदीय क्षेत्र के बाड़मेर-जैसलमेर और बालोतरा जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों से धरातल स्थिति से मिली जानकारी के अनुसार कई गांवों में केवल पाइपलाइन डालकर कार्य पूर्ण दिखा दिया गया हैं लेकिन जल स्रोत और सप्लाई की व्यवस्था अधूरी है
टंकियां और पंपिंग सिस्टम या तो अधूरे हैं या चालू नहीं हैं। कई जगहों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त या अनुपयोगी हो चुकी है जहां 70-80% कनेक्शन पर नियमित जल आपूर्ति दिखाया जा रहा हैं वहाँ तो 5% घरों तक भी पानी नहीं पहुंच पा रहा हैं जिससे लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब पानी की उपलब्धता लगभग समाप्त हो जाती है। इस कारण ग्रामीणों को आज भी टैंकरों या दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे समय, श्रम और धन तीनों का नुकसान हो रहा है।
जल जीवन मिशन योजना अनियमितताओं भंडार, उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित की मांग
सांसद ने योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं की आशंका जताते हुए कहा कि कार्यों में पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त जल स्रोत सुनिश्चित किए केवल पाइपलाइन बिछाकर प्रगति दर्शा दी गई, जिससे योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कागजों में प्रगति बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जा रही है बिना जल उपलब्धता सुनिश्चित किए ही पाइपलाइन बिछा दी गई कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी में भारी कमी हैं। जवाबदेही तय नहीं होने से लापरवाही सामने आने के साथ बढ़ भी रही हैं, उन्होंने इसे आमजन के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
केन्द्र सरकार से प्रमुख मांगें लोकसभा में मुद्दा उठाते हुए; सांसद बेनीवाल ने कहा पेयजल की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, योजना की उच्च स्तरीय समीक्षा रिपोर्ट तैयार की जाए, जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच करवाई जाएं तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएं।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि ‘हर घर जल’ का सपना केवल पाइपलाइन बिछाने से पूरा नहीं होगा, बल्कि हर घर तक नियमित और स्वच्छ पानी पहुंचाना ही इस योजना की वास्तविक सफलता है। बाड़मेर-जैसलमेर जैसे सीमावर्ती और रेगिस्तानी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता जीवन का सबसे बड़ा आधार है। ऐसे में यदि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना भी धरातल पर सफल नहीं हो पा रही है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि आमजन के अधिकारों से भी समझौता है। इस योजना के वर्तमान हालात यह संकेत दे रहे हैं कि योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां हैं, जिन्हें समय रहते सुधारना बेहद जरूरी है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह महत्वाकांक्षी योजना आमजन के लिए केवल कागजी उपलब्धि बनकर रह जाएगी।
