पुलिस के अनुसार, आकाशदीप ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के भीड़भाड़ वाले इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए भट्टी को भेजी। इन वीडियो के आधार पर संभावित बम धमाकों की साजिश रची जा रही थी।
लालगढ़ जाटान थाना पुलिस ने आरोपी को 26 मार्च की शाम उसके गांव से गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी गुरमेल सिंह बराड़ ने बताया कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है और ग्रामीणों को पाकिस्तानी आतंकियों से संपर्क का डर दिखाकर धमकाता था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने कई भीड़भाड़ वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां तक पहुंचने के रास्ते और प्लान भी डॉन के साथ साझा किए थे। पुलिस अब उसके स्थानीय संपर्कों, परिवार और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिले हैं। उसने अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पाकिस्तान के नंबरों (+92 कोड) पर बातचीत की थी। इसके अलावा उसकी गैलरी में एआई तकनीक से बनाई गई भट्टी के साथ फोटो भी मिली है।
पुलिस को आशंका है कि यह मामला 13 मार्च 2026 को हरियाणा के अंबाला में मिले आरडीएक्स केस से जुड़ा हो सकता है। उस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक राजस्थान के अजमेर का निवासी था। वे भी भट्टी के निर्देश पर विभिन्न राज्यों में बम धमाकों की योजना बना रहे थे।
जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों ने हनुमानगढ़ में पहला धमाका करने की योजना बनाई थी और उन्हें आईईडी भी मिल चुका था, लेकिन पाकिस्तान से आरडीएक्स की सप्लाई में देरी के चलते योजना टाल दी गई।
बताया जा रहा है कि आरोपी मोटरसाइकिल (पैशन प्रो) पर विस्फोटक सामग्री, बैटरी, टाइमर और डेटोनेटर लेकर अंबाला कैंट की ओर जा रहे थे, लेकिन पहले से सतर्क एसटीएफ टीम ने नाकाबंदी कर उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
