बाड़मेर
सात दिवसीय श्रुत ज्ञान शिविर का हुआ समापन, उपाध्याय मनितप्रभसागर को ‘‘अप्रमत्तयोगी‘‘ पदवी से किया विभूषित
बाड़मेर शहर के स्थानीय मोक्ष मार्ग स्थित कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड में नवपद ओली आराधना के अन्र्तगत उपाध्याय मनितप्रभसागरजी मारासा की निश्रा में सात दिवसीय श्रुत ज्ञान शिविर का समापन हुआ।
श्रुत ज्ञान शिविर के संयोजक बाबुलाल बोथरा हेमरत्न ने बताया कि जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास व्यवस्था कमेटी के तत्वावधान में नवपद ओलीजी की आराधना परम पूज्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी मारासा के शिष्य उपाध्याय मनितप्रभसागरजी मारासा की निश्रा व परम पूज्या साध्वी सम्यग्दर्शना श्रीजी मारासा के सानिध्य में सम्पन्न हुई।
नवपद ओलीजी आराधना के अंतर्गत प्रतिदिन कोटड़िया- नाहटा ग्राउण्ड में श्रुत ज्ञान शिविर का आयोजन हुआ। जिसमें तत्वज्ञान, द युनिवर्सल टूथ, परिवार में प्रेम भाईचारा, धर्म के प्रति श्रद्धा, ज्ञान के साथ क्रिया आदि विषयों पर वांचना दी गई। इस शिविर में बाड़मेर सहित भादरेश व कई क्षेत्रो से 800 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर ज्ञान की गंगा में डूबकी लगाई।
इस अवधि में आराधक को प्रतिदिन प्रतिक्रमण, सामायिक, स्नात्र पूजा, प्रवचन, देववंदन, आयंबिल, स्वाध्याय, सायं प्रतिक्रमण, माला, जाप, प्रदक्षिणा, साथिया आदि क्रियाएं सम्पन्न करते थे। सात दिवसीय श्रुत ज्ञान शिविर में मंच संचालन केवलचन्द छाजेड़ ने किया।
उपाध्याय मनितप्रभसागरजी मारासा ने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है। इस जीवन में व्यक्ति को प्रत्येक जीव के प्रति प्रेम भाव रखते हुए श्रद्धा के साथ की गई क्रिया से मनुष्य जीवन को सफल बनाया जा सकता है। प्रातः 06.30 बजे चैत्री पूनम की क्रिया व में सिद्धचक्र महापूजन का आयोजन सम्पन्न हुआ।
सिद्धचक्र महापूजन मे विधि-विधान प्रकाश गुरूजी सांचोर द्वारा व परमात्मा भक्ति उपाध्याय प्रवर मनितप्रभसागरजी मारासा एवं सोनू वडेरा द्वारा की गई। चातुर्मास कमेटी के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भंसाली ने बताया कि परम पूज्य उपाध्याय मनितप्रभसागरजी मारासा के बेजोड़ व्यक्तित्व इनकी कार्यशैली वचनशैली व्यवहार शैली और जीवन शैली संयम की निरतिचार परिपालना इस कलिकाल में इतनी बेजोड़ अप्रमतता अपूर्व योग साधना को लक्ष्य में रखते हुए जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास व्यवस्था कमेटी द्वारा ‘‘अप्रमत्तयोगी‘‘ पदवी से विभूषित किया गया।
प्रवचन के दौरान नौ दिवसीय शाश्वत नवपद ओलीजी के लाभार्थी श्रद्धेय देवीबाई भंवरलाल संखलेचा परिवार झिंझनीयाली व श्रद्धेय पदमीदेवी मगराज मालू परिवार कोटड़ा वालों का चातुर्मास कमेटी द्वारा बहुमान किया गया।
