बूंदी।



मुझे अभी पढ़ना है, इस दृढ़ फैसले ने एक 16 वर्षीय छात्रा नाबालिग को समाज के लिए प्रेरणा बना दिया। कक्षा 11 वीं में पढ़ रही इस छात्रा ने न सिर्फ अपने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि खुद आगे आकर उसे रुकवाकर एक मिसाल पेश की।

जिले के नमाना थाना क्षेत्र में प्रेरणादायक घटनाक्रम सामने आया है। 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा ने साहस दिखाते हुए अपने प्रस्तावित बाल विवाह को रुकवा दिया। उसने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस से सहायता मांगी। कहा कि उसकी शादी 27 साल के युवक से करवाई जा रही है। पुलिस को बताया कि वह विवाह नहीं करना चाहती और आगे पढ़ाई जारी रखना चाहती है।इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची ओर बाल विवाह रुकवा दिया। अक्षय तृतीया से पहले जिले की पांच बेटियों ने अपना बाल विवाह रुकवाने के लिए पहल की है।

दरसअल छात्रा का विवाह 19 अप्रैल को एक सम्मेलन में 27 वर्षीय युवक के साथ तय किया गया था। छात्रा के आगे पढ़ने के दृढ़ संकल्प के चलते साहस दिखाते हुए न केवक विवाह से इनकार किया बल्कि पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने छात्रा की काउंसलिंग करने के साथ ही उसकी इच्छा का सम्मान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। सुरक्षा की दृष्टि से छात्रा को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से उसे आश्रयगृह भेजा। साथ ही न्यायालय से बाल विवाह निषेध आदेश जारी करवाने की प्रक्रिया की जा रही है।

छात्रा ने समय रहते हुए तय किया कि वह अभी शादी नहीं करेगी और अपनी पढ़ाई पूरी करेगी। छात्रा ने अपने इसी दृढ़ इच्छा और साहस के बूते बाल विवाह को रुकवाया। इस छात्रा ने न सिर्फ अपने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि खुद आगे आकर उसे रुकवाकर एक मिसाल पेश की।