बाड़मेर
भीषण गर्मी को देखते हुए बाड़मेर जिले की कमान संभालने के बाद नवनियुक्त जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने जिले में बिजली, पानी एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा करके उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आमजन को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने गर्मी के बढ़ते मौसम को देखते हुए इन सुविधाओं को चाक-चौबंद बनाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जन समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। इस दौरान बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली कि क्लोजर के दौरान किन-किन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से नियमित और पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। कोई भी क्षेत्र छूटना नहीं चाहिए।
उन्होंने जिला मुख्यालय पर पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्थापित जलदाय विभाग के नियंत्रण कक्ष 02982-220610 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होने वाली पेयजल समस्या का त्वरित निस्तारण करते हुए आमजन को राहत पहुंचाई जाएं।
जिला कलक्टर ने कहा कि पानी की बर्बादी रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिला कलक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पूछा कि कितने गांवों और घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, पाइपलाइन कार्य की स्थिति क्या है और गुणवत्ता मानकों का कितना पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं।
जिला कलक्टर ने डिस्कॉम के अधिकारियों से वर्तमान बिजली आपूर्ति स्थिति, लोड मैनेजमेंट, ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता और गर्मी में बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पावर कट की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में समान रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा : गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णु राम विश्नोई और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. हनुमान राम से अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, इमरजेंसी वार्डों की स्थिति, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या तथा गर्मी से संबंधित विशेष कैंप लगाने की योजना के बारे में जानकारी ली। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दवाएं और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में जिला कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों से विभिन्न विकास योजनाओं और प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी।
