बाड़मेर में 1395 शिक्षकों का इंतजार खत्म: 5 महीने बाद जारी हुए स्थाईकरण के आदेश, SOG जांच के कारण अटका था मामला
बाड़मेर। बाड़मेर जिले के सैकड़ों तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए मंगलवार की शाम बड़ी खुशखबरी लेकर आई। पिछले 5 महीनों से अटका हुआ शिक्षकों का स्थाईकरण (Probation Completion) का आदेश आखिरकार जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी कर दिया है। कुल 1491 शिक्षकों में से 1395 शिक्षकों को इस सूची में जगह मिली है, जिन्होंने अपना 2 साल का प्रोबेशन पीरियड सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, यह भर्ती साल 2022-23 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई थी, जिसमें प्रदेश भर में 62 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। बाड़मेर जिले में भी 2000 से ज्यादा शिक्षकों को ज्वाइनिंग मिली थी। सितंबर 2025 में इन शिक्षकों का 2 साल का प्रोबेशन पीरियड पूरा हो गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने भर्तियों के दस्तावेजों की दोबारा जांच शुरू करवा दी।
SOG जांच की तलवार और 17 अक्टूबर का वो आदेश
शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच पहले स्थानीय स्तर पर हुई और फिर जालोर की टीम ने भी इनकी स्क्रूटनी की। 17 अक्टूबर को जिला परिषद की बैठक में 1491 शिक्षकों के स्थाईकरण पर मुहर लगी थी, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि आदेश जारी होने के महज 2 घंटे बाद ही उसे रद्द कर दिया गया। कारण बताया गया था कि SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की जांच लंबित है।
अब किसे मिलेगा लाभ?
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) कृष्ण सिंह महेचा द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, 1395 शिक्षकों को उनके प्रोबेशन पूरा होने की तारीख से ही स्थाई माना जाएगा। हालांकि, विभाग ने एक शर्त भी रखी है—अगर किसी शिक्षक के खिलाफ SOG में कोई मामला दर्ज है या कोई कार्रवाई लंबित है, तो उन पर यह आदेश प्रभावी नहीं होगा।
इस फैसले के बाद जिले के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से मानसिक और आर्थिक तनाव झेलने के बाद अब उन्हें राहत मिली है।
