गुड़ामालानी के भावेश ने 10वीं बोर्ड में अच्छे प्रतिशत हासिल कर अपने पिता के सपने को साकार किया पर भावेश की सफलता देखने से पहले ही पिता बाबूलाल का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया।
भावेश की यह सफलता केवल एक मार्कशीट नहीं है बल्कि अपने दिवंगत पिता को दिया गया एक बड़ा सम्मान है।
भावेश की सफलता की कहानी और उसके पीछे छिपे दर्द का जब लोगों को पता चला तब क्षेत्र ही सही बल्कि पूरे जिले में लोग उस बच्चे की हौसला अफजाई करते नजर आए।
इसी कड़ी में बाड़मेर जैसलमेर सांसद ने भी भावेश को फोन कर बधाई दी उसे आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा ।
गुड़ामालानी के भावेश की यह भावुक कहानी आपकी आंखों में आंसू ला देगी। जब भावेश अपनी 10वीं के पेपर दे रहा था कि तभी उसके पिता बाबूलाल को अचानक हार्ट अटैक आ जाता है और उनका निधन हो जाता है।
यह पल भावेश के लिए बड़ा दर्दनाक था जब परीक्षा के चौथे पेपर के समय पिता की अचानक मौत ने उस बच्चे को अंदर तक तोड़ दिया पर उस बच्चे के जज्बे को देखिए अपनी नम आंखों में आंसू लिए भावेश परीक्षा केंद्र जाता है और उसी पेपर में जिस दिन उस पर से अपने पिता का साया उठ गया था उसी पेपर में वह नन्हा भावेश 98 नंबर ले आता है और अपने जज्बे की एक मिसाल देता है और लोगों के लिए एक प्रेरणा बनता है।
पर भावेश के लिए वह सफलता सिर्फ उसके लिए एक अंकतालिका नहीं थी बल्कि अपने पिता को दिया गया एक बड़ा सम्मान था।
आज आप और मैं हम सब उस बच्चे की हौसला अफजाई करते हैं। उसे निरंतर आगे बढ़ने का शुभाशीष देते हैं।
