जयपुर ।
सरकार ने डिजिटल इंडिया के संकल्प को साकार करने और शासन में तकनीक समावेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए इस बार जनगणना को पूरी तरह हाईटेक बनाने की दिशा एक ऐतिहासिक कदम उठाया हैै। सरकार की ओर से जनगणना-2027 में स्व-गणना की अभिनव डिजिटल सुविधा शुरू की गई है। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को सुविधा प्रदान करेगी और डेटा संग्रहण को अधिक सटीक बनाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण के मकान सूचीकरण एवं गणना के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जनगणना में लोगों की भागीदारी के लिए मुख्यमंत्री ने अपील भी की है। साथ ही, मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टर को अपने-अपने जिलों के निवासियों को स्व-गणना से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। होर्डिंग्स, विज्ञापन, वीडियो सहित विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को स्व-गणना में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
भाषाई समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। इससे विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक अपनी सुविधानुसार इस प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। यह प्रक्रिया नागरिकों को ई-पार्टिसिपेशन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से सीधे जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगी।
नागरिक ऐसे करें स्व-गणना
मकान सूचीकरण एवं गणना के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर 1 मई से 15 मई 2026 तक संचालित की जा रही है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों के घर आने से पहले डेटा प्रविष्टि को सुगम बनाना और समय की बचत करना है। नागरिकों को डिजिटल रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लॉगिन पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी सत्यापन करना होगा। पोर्टल पर परिवार के सदस्यों की जानकारी, आवास का प्रकार, उपलब्ध सुविधाएं और संपत्ति से संबंधित जानकारी साझा करनी होगी। इस प्रक्रिया को पूरा करने में औसतन 15-20 मिनट का समय लगेगा। अंत में एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होती है, जिसे 16 मई से 14 जून तक भौतिक सत्यापन के दौरान जनगणना कर्मी के आने पर साझा करना होगा। इससे दोबारा लंबी पूछताछ की आवश्यकता नहीं रहेगी।
प्रदेश के 1 लाख 74 हजार से अधिक कार्मिक जनगणना में निभाएंगे सहभागिता
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लगभग 1 लाख 74 हजार से अधिक कार्मिक इस जनगणना को सफल बनाने के लिए जुटे हुए हैं। जनगणना की इस प्रक्रिया में सभी जिलों में कुल 759 चार्ज कार्यालय हैं। वहीं, जनगणना कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए 98 मास्टर ट्रेनर और 2 हजार 564 फील्ड ट्रेनर लगाए गए। साथ ही, जनगणना के लिए प्रदेश में 1 लाख 42 हजार 177 हाउसलिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं।
सरकार ने जनगणना 2027 को अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से स्व-गणना की सुविधा शुरू की है। यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान के तहत नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत और घरेलू जानकारी स्वयं दर्ज करने का अधिकार देती है। इससे जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को भी सरलता मिलेगी।
