अर्थव्यवस्था की समझ पर राहुल गांधी फेल, जनता देगी उनकी बुद्धिमत्ता का जवाब: गजेंद्र सिंह शेखावत
जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया है। राहुल गांधी द्वारा डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये और देश में बढ़ती महंगाई को लेकर किए गए ट्वीट पर पलटवार करते हुए शेखावत ने कहा कि राहुल गांधी को खुद यह नहीं पता कि अर्थव्यवस्था कैसे काम करती है, उनकी समझ पर आज पूरा देश प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की स्थिति मजबूत
रविवार को जोधपुर स्थित अपने निवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया 'जियो टर्बुलेंस' (वैश्विक अस्थिरता) के दौर से गुजर रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण बाजार में भारी उथल-पुथल है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कुछ दिन पहले राहुल गांधी सोने की कीमतों को लेकर परेशान थे, अब रुपये को लेकर चिंता जता रहे हैं। उन्हें पहले अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की थोक महंगाई दर आज भी दुनिया के कई विकसित देशों के मुकाबले सबसे कम है।
'यूपीए के 10 साल में 7 साल डबल डिजिट में थी महंगाई'
कांग्रेस शासनकाल की याद दिलाते हुए शेखावत ने आंकड़ों के जरिए राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी के 'अदृश्य नेतृत्व' में सरकार काम करती थी और वे खुद कैबिनेट के फैसलों को फाड़कर संवैधानिक व्यवस्थाओं का अपमान करते थे, उस 10 साल के शासनकाल में से 7 साल महंगाई दर 'डबल डिजिट' (दहाई के अंक) में थी। शेखावत ने कड़े शब्दों में कहा, "जिनके दौर में महंगाई दर 10 प्रतिशत से ऊपर थी, वे आज 2 प्रतिशत की महंगाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी इस बुद्धिमत्ता का फैसला अब देश की जनता ही करेगी।"
कार्यकर्ताओं और जनता से जुड़ाव ही मेरी ताकत
क्षेत्रीय जनता की समस्याएं सुनने के सवाल पर शेखावत काफी सहज नजर आए। उन्होंने कहा कि लोगों का उन पर अटूट विश्वास है, इसीलिए वे अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर उनके पास आते हैं। शेखावत ने कहा, "अगर आप ऊंचे मुकाम पर पहुंचकर भी धरातल से जुड़े रहते हैं, तभी लोग आपसे जुड़ते हैं। जब मैं किसी की समस्या का समाधान करके उसे राहत प्रदान करता हूँ, तो मुझे जो सुकून मिलता है उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।"
उन्होंने अंत में कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा, "कार्यकर्ताओं ने मुझे बनाया है, मैंने उन्हें नहीं।"
