बाड़मेर



बीते दिनों बाड़मेर शहर में पुलिस थाने में से हुई बाइक चोरी की घटना ने पुलिस की किरकिरी कराई। जिसे पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही कर बाइक चोर को गिरफ्तार कर पूरी वारदात का खुलासा किया। इस मामले सबके गौर करने वाली बात यह है कि इस बेखौफ चोर ने दिनदहाड़े थाने में घुसकर बाइक चुराकर रफूचक्कर हो गया और किसी को कानो कान तक भनक तक नही लगने दी। 

बाड़मेर कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 अप्रैल को पुलिस ने मोटरसाइकिल को जप्त किया था। कोतवाली पुलिस ने सदर थाने के पास ही इस कार्यवाही को अंजाम दिया था। ऐसे में मोटरसाइकिल को सदर थाना परिसर में रखाई गई थी। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को मौका देखकर चोर थाने में से बाइक चुरा कर ले गए। इधर बाइक मालिक सिविल न्यायधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 1 के आदेशानुसार बाइक लेने के लिए कोतवाली थाने पहुंचा। 

उन्होंने बताया कि युवक को बाइक लेने के सदर थाने भेजा गया लेकिन वहा ओर बाइक नही थी। जिसपर थाने में बाइक चोरी का मामला दर्ज करके जाँच पड़ताल शुरू की गई। सीआई मनोज कुमार ने बताया कि शिव नगर निवासी 40 वर्षीय मांगीलाल को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया गया है। 


पुलिस के अनुसार चोरी दो-तीन बार थाने में आता जाता था। 21 अप्रैल को भरी दोपहरी में इसने थाना परिसर से बाइक को खिंचकर बाहर ले गया और फिर उसके लेकर फरार हो गया। जिससे पुलिस ने गुरुवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने चोरी की गई मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर पूर्व में कोई मामला दर्ज नहीं है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।


पीड़ित बाइक मालिक के एडवोकेट प्रेम सिंह राजपुरोहित ने इस मामले को लेकर बताया कि 19 अप्रैल को पुलिस द्वारा बाइक को जब्त किया गया था। युवक को पुलिस गिरफ्तार करके अगले दिन उसे उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है, जहां उसे जमानत पर रिहा किया जाता है। 23 अप्रैल को युवक चालान लेकर आया और कहा कि पुलिस द्वारा पकड़ी गई बाइक को छुड़ावाना है। उन्होंने बताया कि इसके बाद उनके द्वारा युवक की कोर्ट में पैरवी की गई। इस मामले में कोर्ट ने 500 का जुर्माना लगाकर बाइक सुपुर्द करने का आदेश दिए। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद जब प्रार्थी कोतवाली थाने अपनी बाइक लेने पहुंचा तो उसे कहा गया कि मोटरसाइकिल सदर थाने में खड़ी है, वहां से ले लो।

जब वो सदर थाना पहुंचा तो वहां पुलिस ने उसे करीब 4 घंटे बिठा के रखा और बाद में कहा कि हमारे पास कोई गाड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कस्टडी में बाइक सुरक्षित नहीं है तो कहां सुरक्षित होगी।