राजस्थान के बाड़मेर जिले में सरकारी स्कूल की महिला शारीरिक शिक्षक (PTI) के साथ बिजनेस पार्टनर बनाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाली महिला ने पहले उनसे दोस्ती बढ़ाई और फिर अपने रिश्तेदार से मिलवाकर व्यापार में निवेश करने का लालच दिया। आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से कुल 6 लाख 62 हजार रुपए ऐंठ लिए और बाद में रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। मामले में कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सहाड़ा हाल राजीव नगर निवासी सीमा जाट ने रिपोर्ट देकर बताया कि वह गालाबेरी स्थित सियोलों की ढाणी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पीटीआई पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में वह बाड़मेर शहर के बलदेव नगर में रहती हैं।
पीड़िता ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली नेनू देवी ने जानबूझकर उनसे नजदीकियां बढ़ाईं। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई। इसी दौरान नेनू देवी ने उन्हें बिजनेस में पार्टनर बनाने और अच्छा मुनाफा कमाने का ऑफर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने शुरुआत में बिजनेस फीस और अन्य प्रोसेसिंग के नाम पर अलग-अलग तारीखों में फोन पे के जरिए 2 लाख 2 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए। इसके बाद आईडी मजबूत करने और व्यापार में ज्यादा लाभ दिलाने का झांसा देकर 85 हजार रुपए नकद भी ले लिए।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद बिजनेस बढ़ाने और ज्यादा फायदा दिलाने का भरोसा देकर उसके भाइयों से भी करीब 3 लाख 75 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 6 लाख 62 हजार रुपए अलग-अलग तरीकों से हासिल कर लिए।
सीमा जाट ने बताया कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी लगातार कोरोना महामारी और बिजनेस बंद होने का बहाना बनाकर टालमटोल करते रहे। काफी समय बाद भी रुपए वापस नहीं मिले तो दोबारा दबाव बनाने पर आरोपियों ने रकम लौटाने से साफ मना कर दिया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उदाराम नामक व्यक्ति ने खुद की पहुंच पुलिस तक होने की बात कही। उसने दावा किया कि उसकी पत्नी पुलिस कांस्टेबल है और विभाग में उसकी अच्छी पहचान है।
मामले को लेकर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों व बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल की जा रही है।