नागौर।


सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान एसआई (SI) भर्ती 2021 को पूरी तरह रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। 4 मई 2026 के निर्णय के अनुसार पेपर लीक और भारी अनियमितताओं के कारण चयनित अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी गई है। अब 2021 के चयनितों की बहाली नहीं होगी और नई परीक्षा आयोजित की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भर्ती को रद्द रखने का निर्णय यथावत रखना, मेहनतकश अभ्यर्थियों की भावनाओं की बड़ी जीत है।


बेनीवाल ने कहा कि इस भर्ती को रद्द कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने हमेशा युवाओं की आवाज़ को मजबूती से उठाया, सड़क से लेकर सदन तक उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया ओर लोक सभा में भी यह मामला उठाया। इसके अलावा जयपुर में शहीद स्मारक पर लंबे समय तक धरना दिया और एक बड़ी रैली भी जयपुर में आयोजित की।

हमने लोकतांत्रिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह आंदोलन किया। जब राजस्थान की भाजपा सरकार ने इस मामले में दोहरा रवैया अपनाते हुए, इस भर्ती में बड़े स्तर पर हुए भ्रष्टाचार के प्रमाण सामने आने के बावजूद इसे यथावत रखने का पुरज़ोर प्रयास किया, तब हमने न्यायपालिका की ओर उम्मीद भरी नज़र से देखा। न्यायपालिका का यह निर्णय केवल एक भर्ती का नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और युवाओं के विश्वास की जीत है। ऐसे निर्णयों से न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा और मजबूत होता है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआई भर्ती 2021 के संदर्भ में यह कहना कि इस दूषित चयन प्रक्रिया का अनुमोदन नहीं दिया जा सकता तथा राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा तत्कालीन RPSC के चेयरमैन संजय क्षोत्रिय के विरुद्ध की गई टिप्पणियों को हटाने से इनकार यह कहते हुए करना कि जिनकी चेयरमैनशिप में यह सब कुछ हुआ उनके खिलाफ की गई किसी टिप्पणी को हटा नहीं सकते ,यह तथ्य हमारी RPSC के पुनर्गठन की मांग को और अधिक मजबूती प्रदान करता है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सदैव राजस्थान के युवाओं के हितों की लड़ाई लड़ती है |