अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। भारत की इस जीत में शिवम दूबे ने भी बेहतरीन योगदान दिया था। दूबे ने महज 8 गेंदों में 2 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 26 रन की बेहतरीन पारी खेली।
भारत की जीत के बाद शिवम दूबे ने टीम के साथ जश्न मनाया। यही नहीं स्टैंड में फैन दूबे -दूबे भी चिल्लाते नजर आए।
जीत के बाद दूबे को घर लौटने के लिए छुपानी पड़ी पहचान
जीत के जश्न में डूबे भारतीय क्रिकेटर शिवम दूबे को घर लौटने के लिए अपनी पहचान तक छुपानी पड़ गई। क्योंकि जब उन्हें फ्लाइट की टिकट नहीं मिली तो उन्हें ट्रेन में सफर करना पड़ गया। जब ट्रेन के टीटी ने उनसे पूछा कि "क्या यह वही शिवम दूबे हैं जो क्रिकेटर है ? तो उनकी पत्नी को मुकर है।"
मुंबई जाने की थी जल्दी
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार सुबह शिवम दूबे को मुंबई पहुंचने की जल्दी थी। लेकिन, तब तक सभी फ्लाइट्स बुक हो चुकी थी। ऐसे में शिवम दूबे ने अपनी पत्नी अंजुम और एक दोस्त के साथ ट्रेन में सफर करने का फैसला किया। दूबे का 4 साल का बेटा अयान, 2 साल की बेटी मेहविश मुंबई के घर पर थी। दूबे को उन्हीं के पास जाने की जल्दी थी। यही वजह रही कि उन्होंने पहचान छुपाकर ट्रेन से सफर करने का फैसला किया।
सड़क मार्ग से पहले ट्रेन पहुंचती
शिवम दूबे ने कहा कि "कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए ही ट्रेन से जाने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि, सड़क मार्ग से भी जा सकते थे। लेकिन, ट्रेन से पहले पहुंचा जा सकता था। ट्रेन से जाने का सोचा तो यह भी सोचा कि ट्रेन से जाना है तो पहचान छुपानी पड़ेगी। वरना, भीड़ से निपटना मुश्किल हो सकता है। "थर्ड एसी की टिकट्स उपलब्ध थी तो बुक कर लिया। चिंता तो थी कि "हमने जिनसे भी बात की, स्टेशन से लगाकर ट्रेन में...कोई हमें पहचान लेता तो क्या होता ?"
अपने आप को पूरा किया कवर ; शिवम दूबे
शिवम दूबे ने कहा कि "मैने टोपी, मास्क लगाकर फुल बाजू की टीशर्ट पहन रखी थी। सुबह 5 बजकर 10 मिनट की ट्रेन थी। इसलिए उम्मीद थी कि स्टेशन या प्लेटफार्म के ज्यादा भीड़ नहीं होगी। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं था। भारत की जर्सी पहने कई फैंस जीत का जश्न भी मना रहे थे।"
दूबे ने बताया कि "इसलिए उन्हें अपने प्लान के बदलाव करना पड़ा। मैने पत्नी से कहा कि ट्रेन छूटने से 5 मिनट पहले तक मैं कार में ही रहूंगा। उसके बाद मैं ट्रेन पकड़ने के दौड़कर पहुंच जाऊंगा।"
टीटी ने पूछा ? शिवम दूबे कौन...वो क्रिकेटर ?
दूबे ने बताया कि ट्रेन में चढ़ने के बाद मैं तेजी से ऊपर वाली बर्थ पर चढ़ गया। जब टिकट चेकर आया तो उसने पूछा "शिवम दूबे ? ,कौन वो क्रिकेटर ?" तभी मेरी पत्नी ने बिना रुके जवाब दिया..."नहीं नहीं, वो कहां से आएगा?" और फिर टिकट चेकर आगे बढ़ गया। दूबे ने कहा कि मैं थका हुआ था तो सोने की कोशिश की।
दूबे ने कहा कि रात में बर्थ से नीचे भी उतरा, वॉशरूम गया। लेकिन, मुझे किसी ने पहचाना नहीं। ट्रेन का सफर सुचारु रहा। लेकिन, मुझे बोरीवली में उतरने की चिंता सता रही थी। वहां किसी की नजर मुझ पर पड़ जाती।
पुलिस भी चौंकी
दूबे के मुताबिक आखिरकार बोरीवली में उतरने के लिए मैने पुलिस की मदद ली। पुलिस को लगा कि "मैं हवाई अड्डे उतर रहा हूं। लेकिन, मैने जब उन्हें बताया कि मैं ट्रेन से उतरने वाला हूं तो पुलिस अधिकारी भी चौंक गए।" ऐसे में मुझे पुलिस सुरक्षा मिल गई और रेलवे स्टेशन से निकलना आसान हो गया।
