बाड़मेर
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बोले : लोकतंत्र में नेता नहीं, जनता मालिक , मिलने आने वाले से की ये अपील
बाड़मेर जैसलमेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहां की लोकतंत्र में नेता नहीं जनता मालिक होती है। इसके साथ ही बेनीवाल ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए उनसे मिलने आने वाले लोगों से अपनात्व के साथ आग्रह किया है कि गुलदस्ते, साफे या उपहार लेकर नही बल्कि अपने विचार, सुझाव और भावनाएं लेकर आए। उन्होंने कहा कि आपकी उम्मीद और विश्वास ही मेरा सबसे बड़ा सम्मान है।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट के जरिए एक सकारात्मक संदेश दिया है। हालांकि ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि जब नेता अपने पास आने वाले लोगो से यह कहे कि आप गुलदस्ते, साफे या उपहार लेकर नही आये और सिर्फ बस अपने विचार, सुझाव और भावनाएं लेकर आइए। आपकी उम्मीद और विश्वास ही मेरा सबसे बड़ा सम्मान है।
दरअसल बुधवार को कांग्रेस के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए एक पोस्ट करते हुए कहा कि प्रिय संसदीय परिवार व अन्य क्षेत्रों से पधारने वाले तमाम शुभचिंतकों एवं समर्पित साथियों, अक्सर आप सभी जब किसी कार्यवश या भेंट हेतु निवास पर पधारते हैं, तो बड़े प्रेम से गुलदस्ते, साफे या उपहार लेकर आते हैं यह आपके अपनत्व का प्रतीक है। बेनीवाल ने कहा कि आप सभी मेरे अपने हैं। परिवारजन अपने लोगों का सम्मान नहीं करते, अपनापन जताते हैं।
बेनीवाल ने आगे कहा कि लोकतंत्र में नेता नहीं, जनता मालिक होती है। उन्होंने कहा कि मैं आपका प्रतिनिधि मात्र ओर आपके विश्वास का वाहक हूँ । उन्होंने निवेदन किया कि मेरे पास जब भी आएं, बस अपने विचार, सुझाव और भावनाएं लेकर आइए। आपकी उम्मीद और विश्वास ही मेरा सबसे बड़ा सम्मान है।
बेनीवाल ने कहा आपका (जनता ) स्वागत करना मेरा सौभाग्य है, आपका होना मेरी ताक़त है। अंत मे उन्होंने कहा कि आपके लिए मेरे घर के हमेशा दरवाजे खुले है।
