जयपुर, 22 मार्च। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है।
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने राजस्थान के स्कूलों की सूरत बदलने के लिए 300 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा और आधुनिक शिक्षा हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के जरिए खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मजबूत आधारभूत संरचना (Infrastructure) का निर्माण हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
"हमारा उद्देश्य है कि राजस्थान के प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण मिले, ताकि वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में बिना किसी डर के आगे बढ़ सकें।" - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
शिक्षा के क्षेत्र में आएगा बड़ा गुणात्मक सुधार
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से मिला यह सहयोग प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाएगा। इस बजट का सीधा फायदा उन ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों को मिलेगा जहाँ स्कूल की इमारतें सालों से मरम्मत की राह देख रही थीं।
नए बजट से क्या बदलेगा?
- पुरानी और जर्जर इमारतों को गिराकर वहां नए और सुरक्षित कमरों का निर्माण होगा।
- विद्यार्थियों को बैठने के लिए बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिलेंगी।
- स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक माहौल तैयार किया जाएगा।
- हादसों का डर खत्म होगा, जिससे बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि केंद्र के इस सहयोग से राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और आने वाले समय में प्रदेश के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर देंगे।
