बाड़मेर।


जिले के गिरल लिग्नाइट माइन्स में लगे युवाओं को नोकरी से  निकाले जाने के विरोध में पिछले 25 दिनों से स्थानीय लोग गिरल लिग्नाइट माइन्स के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे। धरने पर बैठे इन लोगों के समर्थन में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी उतर आए हैं। मंगलवार को भाटी ने धरना स्थल पर पहुंचकर न केवल इन्हें समर्थन दिया बल्कि खुद भी धरने पर बैठ गए। 

इतना ही नहीं भाटी ने रात भी धरना स्थल पर गुजरी और बुधवार सुबह दूसरे दिन भी धरने पर डटे हुए हैं विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि हमारे युवाओं साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल वेतन या सुविधाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि मेहनतकश लोगों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।



विधायक ने खदान क्षेत्र में वर्षों पहले हुई जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि विकास के नाम पर हजारों बीघा जमीन ली गई, लेकिन आज उसी जमीन के मालिकों और स्थानीय लोगों को रोजगार और सम्मान से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि जो आज ड्राइवर, ऑपरेटर और मजदूर हैं, वही इस जमीन के असली हकदार और मालिक हैं।

उन्होंने स्थानीय लोगों नोकरी से हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीते कई सालों से  काम कर रहे लोगों को अचानक निकाल देना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। इसके साथ ही भाटी ने माइनिंग क्षेत्र में नियमों की अनदेखी और अव्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। 


विधायक ने साफ कहा कि श्रमिकों की सभी मांगें पूरी तरह वैध और कानून सम्मत हैं। चाहे वह 8 घंटे की ड्यूटी हो, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देना हो, उचित वेतन हो या बोनस और मूलभूत सुविधाएं। उन्होंने कहा कि अगर मजदूर अपनी मेहनत का पूरा हक मांग रहे हैं, तो इसमें गलत क्या है? उन्होंने कोई अवैध मांग नहीं रखी, बल्कि वही मांग रहे हैं जो कानून उन्हें देता है।


विधायक भाटी ने कहा कि यहां के लोग उनका अपना परिवार है और वे किसी भी कीमत पर अपने लोगों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।